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 Shayari:

तेरे ख्वाबों में ही,

जीने का भरम अच्छा था.....


मुर्शिद


अब तो हकीकत की दुनिया,

हमें अनजानी सी लगती हैं........💕 ❤️ 💞.....


कभी दिल माने तो करना मुलाकात हमारे साथ..

सस्ती चाय के साथ महँगी यादें पिलाकर भेजेंगे..💕


ख़ूबसूरत तों पहलें भी बहुत था, 

हमने चाहा तो 

अजब ढंग से निखरा है वो शख़्स.. 💕 ❤️ 💞..




तुम्हे खुद में छिपाना अब...

तकरीबन नामुमकिन,

छलक पड़ते हो तुम

मेरी हर बात में, 

मेरे हर एहसास में.. 

Main_Shayar_Tera💞

#Aparichit


अंजाम की परवाह होती तोह में इश्क़ करना छोड़ देता,

इश्क़ में ज़िद्द होती है और में ज़िद्द का बादशाह हूं।।💕


कैसे कहूं की रूह में बसने लगे हो तुम💕

आगाज़ ज़िंदगी का लगने लगे हो तुम..


एक बार अपने दिल से लगा लो आकर💕

दिल कह रहा है कि दिल में धड़कने लगे हो तुम...💕 ❤️ 💞


बेशक हमसे मिलने में ख़राबी है,

फिर किसीके ना हो पाओगे तुम....💕 ❤️ 💞 

याद बन कर बस जायगे दिल मे,

क़रीब ना हो कर भी क़रीब पाओगे तुम....💕 ❤️ 💞


कभी कभी ऐसा भी होता है,

कि सुकुन के लिये "दवा" की नही, किसी के "लफ्जो" की जरुरत होती है....

.

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जो पढ़ा है उसे जीना ही नहीं है मुमकिन,

ज़िंदगी को मैं किताबों से अलग रखता हूँ...❣️




मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहा वाकिफ हो ,

हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने

का शौक हो...😍


" मुझे बहुत प्यारी है तुम्हारी दी हुई


     हर एक निशानी🌱🌱

.

🌱🌱चाहे वो दिल का दर्द ्हो

या...आँखों का पानी..!


Main_Shayar_Tera💞

#Aparichit


ये दुनियाँ के तमाम चेहरे,

 तुम्हें गुमराह कर देंगें... 

तुम बस मेरे दिल में रहो,,,

यहाँ कोई आता जाता नहीं....


कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है

मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है

मैं तुझसे दूर कैसा हूँ तू मुझसे दूर कैसी है

ये #तेरा दिल समझता है या #मेरा दिल समझता है


" ❤👈🏻" कहता हैं की लिख दू 

इक " नज्म " तेरे नाम की....👩🏻‍⚖


तुझे खुश ना कर पाऊ तो ये 

ज़िन्दगी किस काम की...."




शुक्र है... 

परिंदो को नहीं पता की

उनका मज़हब क्या है। 


वरना रोज आसमान से 

खून की बारिश होती...✍



चलो माना कि हमें प्यार❤️ का इज़हार करना नहीं आता.. 😔

जज़्बात न समझ सको, इतने नादान तो तुम भी नहीं... 😐


                     💕   ❤️💞

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